Train कैसे चलाये : ट्रैन को स्टार्ट करने और चलाने का तरीका

Train को चलाने के लिए मार्ग के ज्ञान के साथ-साथ अभ्यास और  कई वर्षो के प्रशिक्षण कीआवश्यकता होती है। दरअशल ये आर्टिकल उन लोगो के लिए है जो यह जानना चाहते है की Train को कैसे चलाये ?

वास्तव में, आप इसे रेल / रेलवे संग्रहालयों में इंजन सिम्युलेटर पर मज़े के लिए भी इसे आज़मा सकते हैं। ये आर्टिकल निश्चित रूप से आपके लिए मजेदार साबित होगा, क्योकि ऐसे इंटरनेट पर शायद ही आपको कोई ट्रैन चलाना सिखाएगा।  

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Train कैसे चलाये ?

1. रेवेर्सर/ जॉनसन बार को आगे बढ़ाएं - सामने या बगल में फर्श के पास से उठने वाली बहुत बड़ी लीवर को पकड़ें, रिलीज़ हैंडल को दबाकर पकडे और इसे आगे बढ़ने के रस्ते की तरफ forward move करे , और Release handel को लॉक कर दे। 


2. सिलेंडर का मुँह खोलें - आपके सामने बॉयलर पर एक मध्यम आकार का वाल्व, या आपके सामने फर्श पर एक पतला लीवर होगा उसको ढूंढें। यदि वॉल्व है तो  उसे दक्षिण दिशा की तरफ घुमाये और यदि लीवर है तो ऊपर की तरफ खींचे। 


3. सामने की हेडलाइट को चालू करें - आपके ऊपर या ट्रैन के दीवाल से लगा हुआ एक नॉब होगा उसे slide करें। 


4. आपके सामने बॉयलर पर सिटी बजने वाला हैंडल होगा उसे दो बार push कर के दो लम्बी सिटी बजाये।  ये  लम्बी सिटी train के चालू  होने का संकेत होता है। 


5. इंजन का ब्रेक रिलीज़ करे- दो पीतल के हॉरिजॉन्टल लीवर आपके बाएं हाथ के पास होंगे। इंजन पर ब्रेक लगाने के लिए ऊपर वाले लिवर को दाएं से बाएं की तरफ किया जाना चाहिए।


6. आपके सर के सबसे पास एक लिवर लटकता हुआ मिलेगा, इसे थ्रोटल कहते है। इसे आगे की तरफ move करे और जैसे ही ट्रैन चलना शुरू हो जाए, थ्रोटल को वापस से उसकी position में ला दे। नहीं तो ट्रैन की स्पीड लगातार बढ़ती ही चली जाएगी। 


7. रेलवे क्रासिंग या किसी टनल से हो कर गुजरने से पहले आपको सिटी बजाना होगा। सिटी के पैटर्न कई प्रकार के होते है जिनके बारे में आप quora से पढ़ सकते है। इसके अलावा कई बार आपको रस्ते में भी बोर्ड लगे मिलेंगे जहा पाए सिटी बजने के इंस्ट्रक्शन होते है वहा भी सिटी बजाना अनिवार्य होता है। 

सुरंगों या अन्य स्थानों पर प्रवेश करते समय एक विशेष पैटर्न में सीटी बजाना आवश्यक है। क्योकि  सकता है की वहा रेल कर्मचारी काम कर रहे हों। 


8. ध्यान रहे की आपकी speed निर्धारित गति सिमा को पार न करे। क्योकि अधिक गति की वजह से ट्रैन पटरी से उतर भी सकती है या ऐसा भी हो सकता है की लोकोमोटिव ब्लास्ट हो जाये। 

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